पटना: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत पटना में पांच और छह दिसंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की क्षेत्र स्तर की आयोजित होने वाली बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी भी उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में बिहार और झारखंड से संघ के 40 कार्यकर्ता भाग लेंगे।

प्रांत प्रचार प्रमुख (दक्षिण बिहार) राजेश कुमार पांडेय ने बुधवार को बताया कि दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में कोरोना में स्वयंसेवकों द्वारा किए गए सेवा कार्यों की चर्चा और समीक्षा की जाएगी। साथ ही कोरोना से प्रभावित जनजीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, स्वदेशी जैसी गंभीर और समसामयिक विषयों पर भी चर्चा होगी।

उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में संघ द्वारा 95 वर्षो से निरंतर व्यक्ति निर्माण के कार्य, कार्यक्रम, नित्य चलने वाली शाखाओं के स्वरूप पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि आरएसएस के कार्यो की समीक्षा और आगे के कार्यो की योजना के लिए कार्यकारी मंडल की नियमित बैठक दीपावली के समीप रहती है। इसमें प्रांत, संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक तथा कई लोग भाग लेते हैं। इस वर्ष यह बैठक उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होनी थी, लेकिन वैश्विक बीमारी कोरोना के कारण इस बैठक को स्थगित करना पड़ा।

बदलते परिवेश और सरकार के दिशा निर्देशों के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि यह बैठक अखिल भारतीय स्तर पर ना कर के क्षेत्र अनुसार की जाए। ऐसा पहली बार हो रहा है।

गौरतलब है कि संघ ने अपने कार्य को सूचारू रूप से चलाने के लिए देश को 11 क्षेत्रों में बांटा हुआ है। उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार, झारखंड) की बैठक का आयोजन पटना में किया जा रहा है। इसी तरह से सारे देश में यह बैठकें हो रही हैं।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएनएम

नई दिल्ली: अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) की अनुशासनात्मक समिति ने एफसी गोवा के खिलाड़ी रीडीम तलांग को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सातवें सीजन में एक अतिरिक्त मैच के लिए निलंबित कर दिया है। तलांग को शनिवार को मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उनके खतरनाक फाउल प्ले के लिए रेड कार्ड दिखाया गया था और एआईएफफए ने बाद में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

तलांग को 25 नवंबर को हुए मैच में मुंबई सिटी एफसी के हर्नान संताना को जूते से गिराने के लिये सीधे लाल कार्ड दिखा दिया गया था और इसे एआईएफएफ संस्था को रैफर किया गया था।

आईएसएल ने बुधवार को एक मीडिया विज्ञप्ति में कहा, " खिलाड़ी को जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस पर फैसला सुनाते हुए एआईएफएफ ने तलांग को जानबूझकर प्रतिद्वंद्वी को चोट पहुंचाने का दोषी पाया।"

लीग ने कहा, " खिलाड़ी ने अपने जवाब में माफी मांग ली है, लेकिन जब विरोधी खिलाड़ी दर्द में था, तो उस समय उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी।"

समिति ने पाया कि 25 वर्षीय तलांग का व्यवहार पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना था।

मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ मिले रेड कार्ड के बाद तलांग नॉर्थईस्ट युनाइटेड एफसी के खिलाफ खेले गए मुकाबले में नहीं खेल पाए थे।

अब एआईएफएफ द्वारा एक मैच का और प्रतिबंध लगने के बाद वह छह दिसंबर को केरला ब्लास्टर्स के खिलाफ होने वाले अगले मैच में भी नहीं खेल पाएंगे।

एफसी गोवा को सातवें सीजन में तीन मैचों में अब तक एक भी जीत नहीं मिली है। गोवा लीग में दो ड्रॉ और एक हार के साथ दो अंक लेकर सातवें नंबर पर है।

--आईएएनएस

ईजेडए/जेएनएस

नई दिल्ली: किसान आंदोलन के चलते देश की राजधानी दिल्ली में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से फलों और सब्जियों की आवक घट गई है। फलों और सब्जियों की आवक घटने से दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी फलों की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। प्रदर्शनकारियों ने पहले दिल्ली में प्रवेश करने वाले सिर्फ तीन सड़क मार्ग को जाम किया था, लेकिन बुधवार को नोएडा लिंक रोड स्थित चिल्ला बॉर्डर समेत कुछ अन्य मार्गों पर भी जाम शुरू कर दिया गया।

सब्जी कारोबारियों ने बताया कि दिवाली के बाद आलू, प्याज समेत तमाम हरी शाक-सब्जियों की नई फसलों की आवक उत्तर भारत की मंडियों में बढ़ने लगी थी, लेकिन किसान आंदोलन के चलते एशिया में फलों और सब्जियों की सबसे बड़ी मंडी दिल्ली की आजादपुर मंडी में बीते एक सप्ताह से कई फलों व सब्जियों की आवक 50 फीसदी तक घट गई है।

कारोबारियों ने बताया कि रात के समय ट्रक ड्राइवरों को जो भी मार्ग खुला मिलता है, उससे सब्जियों और फलों से लदे ट्रक लेकर दिल्ली के भीतर आ रहे हैं इसलिए एक सप्ताह से उत्तर भारत का मुख्य मार्ग जीडी रोड बंद होने के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फलों और सब्जियों की आवक हो रही है, लेकिन इसमें कमी जरूर आई है।

आजादपुर मंडी चैंबर ऑफ फ्रूट एंड वेजीटेबल्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट एम.आर. कृपलानी ने बताया कि कई फलों व सब्जियों की आवक 50 फीसदी तक घट गई है। उन्होंने बताया कि सब्जियों की कीमतों में अब तक काफी गिरावट आ गई होती, मगर किसान आंदोलन के चलते गिरावट होने के बजाय कई सब्जियों और फलों के दाम बढ़ गए हैं।

आजादपुर मंडी एपीएमसी की बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार, मंडी में आलू की आवक 1,052 टन थी जबकि एक सप्ताह पहले मंडी में आलू की आवक 1700 टन तक चली गई थी। इसी प्रकार प्याज की आवक मंडी में बुधवार को 984 टन जबकि टमाटर की आवक सिर्फ 87 टन थी। प्याज की आवक बीते सप्ताह 1300 टन से ज्यादा और टमाटर की आवक 400 टन से ज्यादा थी।

आजादपुर मंडी के कारोबारी व पोटैटो एंड अनियन मर्चेंट एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि दिल्ली में आलू की आवक इस समय हिमाचल और पंजाब से है जबकि प्याज की आवक राजस्थान से हो रही है, लेकिन किसान आंदोलन के चलते आवक प्रभावित है, इसलिए कीमतों में जितनी गिरावट अब तक आनी चाहिए उतनी नहीं है, लेकिन आलू और प्याज के थोक भाव में दिवाली के बाद गिरावट आई है।

आजादपुर मंडी मंे बुधवार को प्याज का थोक भाव 10 रुपये से 35 रुपये, आलू का 16 रुपये से 36 रुपये और टमाटर का छह रुपये से 34 रुपये प्रति किलो था।

हालांकि दिल्ली-एनसीआर में आलू और टमाटर का खुदरा भाव क्रमश: 50 रुपये प्रति किलो से उपर जबकि प्याज का 60 रुपये प्रति किलो था।

कारोबारियों को आशंका है कि अगर दिल्ली में प्रवेश करने वाले अन्य मार्ग भी किसान आंदोलन के चलते अवरुद्ध हुआ तो सब्जियों और फलों के दाम में आने वाले दिनों में इजाफा हो सकता है।

--आईएएनएस

पीएमजे-एसकेपी

नई दिल्ली/गाजियाबाद: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को किसान आंदोलन को लेकर प्रेसवार्ता की। केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया। सीएम केजरीवाल ने कहा कि कल कैप्टन ने मुझ पर आरोप लगाया कि मैंने तीनों कृषि कानूनों को पास किया है। जबकि कैप्टन को भी मालूम है कि कानून केंद्र ने पास किए हैं। जिस दिन इन कानूनों पर राष्ट्रपति ने साइन कर दिए ये कानून देश भर में लागू हो गए। कोई राज्य सरकार का मामला नही है। इसीलिए किसान दिल्ली आए हैं। केजरीवाल ने कहा कि कैप्टन ने झूठ क्यों बोला। इसका कारण केंद्र सरकार का उन पर दबाव है। कैप्टन पर ईडी के मामले चल रहे हैं। जिनमें उन पर नोटिस किए गए हैं। इसलिए कैप्टन भाजपा की भाषा बोल रहे हैं।

वहीं, 3 कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर प्रदर्शकारी किसानों का धरना प्रदर्शन 7वें दिन में प्रवेश कर गया है। बुधवार को दिल्ली से नोएडा में भारतीय किसान परिषद के लोगों को महामाया के पास से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी को पुलिस लाइन भेजा गया है। आरोप है कि नोएडा से डीएनडी के रास्ते दिल्ली जाने की जिद की कर रहे थे। करीब 60 किसान पुलिस लाइन में कैद किए गए हैं। वहीं, नोएडा सेक्टर 14 ए स्थित नोएडा प्रवेश द्वार पर दिल्ली से आने वाले मार्ग को किसानों और पुलिस के बीच हुई सहमति के बाद खोल दिया गया है।

सिंघु बॉर्डर पर सोनीपत की ओर कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर हजारों किसान बैठे हुए हैं। बुधवार दोपहर में किसानों को संबोधित के दौरान आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने कृषि कानून की प्रति को फाड़ा।

वहीं, सैकड़ों किलोमीटर दूर से आए किसानों के मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने लगे हैं। ऐसे में हरियाणा और पंजाब से आए किसान 26 तारीख नवंबर से ही ट्रॉली में बैठकर ट्रैक्टर की बैटरी से ही अपने मोबाइल फोन चार्ज कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनके लिए यहां पर कोई सुविधा नहीं की गई है। आज के समय में मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो तो बेचैनी होने लगती है। ऐसे समय लोग बारी -बारी से फोन चार्ज कर काम चल रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब के किसान दिलबाग सिंह, गुरलाल सिंह और मांस के किसान जितेंद्र सिंह ने कहा कि बैटरी से चार्ज करने पर मोबाइल कम समय तक ही चार्ज रहता है। इस वजह से परेशानी हो रही है। लेकिन कितनी भी मुश्किल हो जाये अब वह पीछे हटने वाले नही हैं।

नई दिल्ली/गाजियाबाद: 3 कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर प्रदर्शकारी किसानों का धरना प्रदर्शन 7वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस बीच सैकड़ों किलोमीटर दूर से आए किसानों के मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने लगे हैं। ऐसे में हरियाणा और पंजाब से आए किसान 26 तारीख नवंबर से ही ट्रॉली में बैठकर ट्रैक्टर की बैटरी से ही अपने मोबाइल फोन चार्ज कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनके लिए यहां पर कोई सुविधा नहीं की गई है। आज के समय में मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो तो बेचैनी होने लगती है। ऐसे समय लोग बारी -बारी से फोन चार्ज कर काम चल रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब के किसान दिलबाग सिंह, गुरलाल सिंह और मांस के किसान जितेंद्र सिंह ने कहा कि बैटरी से चार्ज करने पर मोबाइल कम समय तक ही चार्ज रहता है। इस वजह से परेशानी हो रही है। लेकिन कितनी भी मुश्किल हो जाये अब वह पीछे हटने वाले नही हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर दिल्ली आने के लिए कूच कर गए हैं। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों की दिक्कत बढ़ने वाली है। पहले सिर्फ सिंघु और टीकरी बॉर्डर ही सील थे, लेकिन अब दिल्ली-नोएडा बॉर्डर को भी सील कर दिया गया है।

ताजा मामले में गुरुग्राम की 360 गांव की झाड़सा खाप ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है। बताया जा रहा है कि गांव झाड़सा के सर छोटूराम धर्मशाला में प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान बुधवार दोपहर 12:00 बजे से एक अहम बैठक करेंगे। इसके बाद इसका एलान किया जाएगा। 

वहीं, दिल्ली में किसानों के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर पर एक अहम बैठक चल रही है। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल भी मौजूद हैं।

बुधवार को यूपी  गेट पर प्रदर्शन के दौरान हरदोई के रहने वाले हरप्रीत सिंह गाय लेकर किसानों के आंदोलन में पहुंचे। उन्होंने अपनी गाय दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेट में बांट दिया है। उनका कहना है कि किसान धरने पर बैठे हैं ।गांव में पशु भूखे नहीं रह सकते। ऐसे में यहां अपनी गाय को भी आंदोलन में लेकर पहुंचे हैं। यूपी गेट पर एक तरफ सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए लोग यज्ञ किया गया तो वहीं दूसरी ओर बैरिकेड के सामने जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन की तरफ से यूपी गेट पर बुधवार को हवन किया गया। मुरादाबाद के किसानों यहां पर हवन किया। हवन करने में शामिल किसान ऋषि पाल सिंह का कहना है कि सरकार की बुद्धि को शुद्ध करने के लिए यह हवन किया गया, जिससे किसानों का दर्द समझ सके और उनकी सभी मांगे पूरी हों।

इससे पहले 3 केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना-प्रदर्शन बुधवार को 7वें दिन में प्रवेश कर गया है। बुधवार को भी टीकरी बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर के साथ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर हजारों किसान धरने पर बैठे हुए हैं। इस बीच सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने टेंट लगाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ निहंगों ने बैरिकेड के पास खाना बनाना शुरू कर दिया है।

वाशिंगटन: भारत और चीन की सेनाओं के बीच मध्य जून में हुई हिंसक झड़प को अमेरिका ने चीन की सोची-समझी रणनीति और योजना का हिस्सा बताया है। अमेरिका के शीर्ष पैनल ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि चीन की सरकार ने योजना बनाकर जून में गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प को अंजाम दिया। अमेरिका ने चीन की साजिश का खुलासा करते हुए कहा कि यह चीनी सरकार की योजना का हिस्सा थी।

गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। गलवन में हुई हिंसक झड़प के कई महीने बाद अमेरिका ने अपनी एक रिपोर्ट 'यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमिशन' में कहा है कि कुछ सबूतों से पता चलता है कि चीनी सरकार ने गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प की योजना बनाई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा संभावित रूप से घातक घटनाओं के लिए किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2020 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी(पीएलए) और भारतीय सैनिकों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास लद्दाख क्षेत्र में गलवन घाटी में एक हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद मई की शुरुआत में LAC के कई क्षेत्रों के पास दोनों देशों के बीच गतिरोध सामने आ गया। इस हिंसक झड़प में कम से कम 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए। चीन ने अपने जवानों की मौत की स्पष्ट संख्या नहीं बताई। 1975 के बाद पहली बार दोनों पक्षों के बीच लड़ाई में सैनिकों की जान गई। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सबूतों से पता चलता है कि चीनी सरकार ने इस घटना की योजना बनाई थी, जिसमें संभावित रूप से जानलेवा हमले की संभावना भी शामिल थी। उदाहरण के लिए रक्षा मंत्री वेई से कई हफ्ते पहले अपने बयान में चीन को प्रोत्साहित करने के लिए स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए लड़ने का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया था।

गौततलब है कि चीन और भारत की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में LAC के पास मई की शुरुआत से ही गतिरोध जारी है। एलएसी के पास स्थिति मध्य जून में उस वक्त खराब हो गई थी, जब गलवन घाटी में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गईं। 15-16 जून को सामने आई हिंसक घटना में बीस भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। यह पूर्वी लद्दाख में डी-एस्केलेशन के दौरान चीनी सैनिकों द्वारा एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदलने के प्रयास के परिणामस्वरूप हुआ।

लंदन: ब्रिटेन ने बुधवार को फाइजर और उसके जर्मन पार्टनर बायो एनटेक की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। ऐसा करने वाला ब्रिटेन पहला देश बन गया है, जिसने घातक कोरोना वायरस के खिलाफ सामूहिक टीकाकरण की शुरुआत कर दी है। जानकारी के मुताबिक इसे अगले सप्ताह से देश भर में उपलब्ध कराया जाएगा।  फाइजर के मुताबिक वैक्सीन 65 साल से अधिक उम्र के लोगों में 94 फीसद तक प्रभावी है।

ब्रिटेन के चिकित्सा नियामक, मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) का कहना है कि फाइजर और बायोएनटेक की कोविड ​​-19 वैक्सीन बीमारी के खिलाफ 95 फीसदी तक असरदार है और सामूहिक टीकाकरण के लिए सुरक्षित है। अमेरिकी फार्मास्युटिकल दिग्गज फाइजर और जर्मनी की बायो एनटेक द्वारा निर्मित वैक्सीन ने हाल ही में दावा किया था कि दवा उसकी वैक्सीन हर उम्र और नस्ल के लोगों के लिए प्रभावी है।

बता दें कि अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने जर्मनी की बायो एनटेक के साथ मिलकर यह वैक्‍सीन बनाई है। फाइजर का दावा है की उसने कोरोना वायरस के खिलाफ 95 फीसद असरदार टीका विकसित किया है और उसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं दिखा है। फाइजर दुनिया की उन पहली दवा कंपिनयों में से हैं जिन्‍होंने फेज 3 की स्‍टडी के अंतरिम नतीजे जारी किए हैं। फाइजर ने वैक्सीन का 43 हजार वॉलंटियर्स पर परीक्षण किया था। 

फतेहपुर (उप्र): उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में गाजीपुर इलाके के ब्रह्मंत्रारा गांव में एक युवक और उसकी भाभी, जो कथित तौर पर रिश्ते में थे, ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बुधवार को ये जानकारी दी। गाजीपुर के एसएचओ कमलेश पाल ने कहा, 22 साल के राम मिलन निषाद और 26 वर्षीय उनकी भाभी सुनीता के शव मंगलवार को एक कमरे की छत से लटके पाए गए। कमरे को अंदर से बंद कर दिया गया था।

सुनीता के पति ने दावा किया कि उसकी पत्नी, राम मिलन के साथ रिश्ते में थी। हाल ही में राम मिलन की शादी तय होने के बाद दोनों काफी परेशान थे।

पुलिस ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

--आईएएनएस

एसकेपी

भोपाल: मध्यप्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी इन चुनावों में नए चेहरों और नई पीढ़ी पर दांव लगाने का मन बना रही है, ताकि संगठन को भी मजबूत किया जा सके।

राज्य में उप-चुनाव में मिली हार की बड़ी वजह संगठन की कमजोरी को माना जा रहा है और यही कारण है कि पार्टी निचले स्तर पर मजबूती के लिए रणनीति बना रही है। उसके लिए इस मजबूती का आधार नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव बन सकते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी यह बात कह चुके हैं कि नई कांग्रेस का निर्माण कैसे किया जाए, इस पर विचार किया जा रहा है। जरूरी है, इसके लिए नए लोगों को मौका दिया जाए। नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव आने वाले हैं और इन चुनावों में नई पीढ़ी को मौका दिया जाए।

दिग्विजय सिंह के इस बयान के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं और माना जा रहा है कि कांग्रेस अपने को बदलना चाहती है और युवा पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी में है। ऐसा होने पर संगठन को मजबूत किया जा सकेगा और भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकेगी। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि इस रणनीति के पीछे बुजुर्गों को कांग्रेस की सियासत से दूर करने की भी योजना है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, इसके लिए निचले स्तर के कार्यकतार्ओं और संगठन के पदाधिकारियों से संवाद किए जाने के साथ साथ उनसे जमीनी हालात की रिपोर्ट भी मनाई जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषक शिव अनुराग पटेरिया का कहना है कि कांग्रेस का विरोधी दल यानि कि भाजपा परिवर्तन के दौर से गुजर रही है लेकिन भाजपा और कांग्रेस के वर्ग चरित्र में बड़ा अंतर है। कांग्रेस ने अगर अपने नेताओं को खोया तो वह कहीं की भी नहीं रहेगी, यह बात कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने भी कही है। तन्खा ने कहा है कि कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी के बगैर कांग्रेस की कल्पना नहीं की जा सकती, इसका आशय है कि कांग्रेस के अंदर भी द्वंद्व है, पीढ़ी परिवर्तन को लेकर, पीढ़ी परिवर्तन हो या ना हो या दोनों में संतुलन बनाकर रखा जाए।

--आईएएनएस

एसएनपी-एसकेपी

वाशिंगटन: वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 6.38 करोड़ से अधिक हो गई है, जबकि संक्रमण से हुई मौतें 14,80,000 से अधिक हो गई हैं। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय ने बुधवार को दी। विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने बुधवार को अपने नवीनतम अपडेट में खुलासा किया कि वर्तमान में दुनियाभर में कुल मामले 63,839,023 हैं और मृत्यु दर 1,480,516 है।

सीएसएसई के अनुसार, अमेरिका सर्वाधिक कोविड प्रभावित देश है, यहां 13,721,304 मामले दर्ज किए गए हैं और 270,645 लोगों की मौत हुई है।

संक्रमण के मामलों के हिसाब से भारत 9,462,809 मामलों के साथ अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में 138,122 मौतें दर्ज की गई हैं।

सीएसएई के आंकड़ों के अनुसार, 10 लाख से अधिक मामले दर्ज करने वाले अन्य देश ब्राजील (6,386,787), रूस (2,302,062), फ्रांस (2,275,429), स्पेन (1,656,444), ब्रिटेन (1,647,230), इटली (1,620,901), अर्जेंटीना (1,432,570), कोलंबिया (1,324,792), मेक्सिको (1,122,362) और जर्मनी (1,094,678) हैं।

कोविड से हुई मौतों के मामले में ब्राजील 173,817 मौतों के साथ अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है।

वहीं 20,000 से अधिक मौत दर्ज करने वाले देशों में मेक्सिको (106,765), ब्रिटेन (59,148), इटली (56,361), फ्रांस (52,821), ईरान (48,628), स्पेन (45,511), रूस (40,050), अर्जेंटीना (38,928), कोलंबिया (36,934), पेरू (35,966) और दक्षिण अफ्रीका (21,644) है।

--आईएएनएस

एमएनएस-एसकेपी

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